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आजमगढ़ : खतरे में राहुल सांकृत्यायन की विरासत, पुष्पराज ने भेजा ज्ञापन  

आजमगढ़ : खतरे में राहुल सांकृत्यायन की विरासत, पुष्पराज ने भेजा ज्ञापन  

महापंडित राहुल सांकृत्यायन के स्मारक के रूप में सुरक्षित निजामाबाद स्थित राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर अतिक्रमणकारियों द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। राहुल सांकृत्यायन ने इस विद्यालय में 1906 से 1908 तक प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी। खड़ी बोली हिन्दी के जनक अयोध्या प्रसाद उपाध्याय हरिऔध ने भी इसी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की थी। अब यह धरोहर खतरे में है, इस पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

आजमगढ़ को भारतविद, पद्मभूषण, त्रिपिटकाचार्य राहुल सांकृत्यायन जी की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। इस गौरवशाली धरोहर को बचाने के लिए राहुल सांकृत्यायन की विरासत संवर्द्धन अभियान की ओर से पहल की गई है। अभियान के राष्ट्रीय संयोजक पुष्पराज ने इस विरासत को बचाने के लिय आजमगढ़ के जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।

पुष्पराज ने बताया है कि जिलाधिकारी को हमने एक मांग पत्र प्रेषित कर दिया है। यदि हमारी मांग नहीं मानी गई तो, महापंडित राहुल सांकृत्यायन की प्राथमिक पाठशाला ‘राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय, निजामाबाद’ को अतिक्रमण से बचाने और राहुल सांकृत्यायन स्मृति स्मारक की स्मिता को बचाने के लिए देश भर के राहुल सांकृत्यायन प्रेमी आजमगढ़ में जुटेंगे।

राहुल सांकृत्यायन की विरासत संवर्द्धन अभियान की ओर से राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय, निजामाबाद को अतिक्रमणकारी से बचाने के लिए यह आपातकालीन पत्र प्रेषित है। ज्ञात जानकारी के अनुसार 

राजीव यादव, जितेन्द्र हरि पाण्डेय सहित नागरिक समाज ने निजामाबाद के मंडी संचालक के द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ निजामाबाद के उप-जिलाधिकारी को 29 अक्टूबर को पत्र लिखा है।

विद्यालय प्रधान के द्वारा निजामाबाद थानाध्यक्ष के पास विद्यालय की सरकारी भूमि 29 अक्टूबर 2024 को विद्यालय परिसर की भूमि पर मंडी संचालक के द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश करने के खिलाफ लिखित शिकायत की गई है। महापंडित राहुल सांकृत्यायन के सुधि प्रेमियों के लिए यह सूचना दुःखद है।

महापंडित राहुल सांकृत्यायन के शताब्दी वर्ष में 1994 में इस प्राथमिक पाठशाला का राज्यादेश से नामाकरण राहुल जी के नाम समर्पित किया गया।

महापंडित की विरासत राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय, निजामाबाद की सुरक्षा, संवर्द्धन के लिए यह पत्र प्रेषित है। यह दुःखद है कि महापंडित की प्राथमिक पाठशाला में शासकीय निर्देश से निर्माणाधीन चारदीवारी निर्माण कार्य को रोककर असामाजिक तत्व अतिक्रमण करते हुए जेसीबी से नींव खोद चुके हैं। महापंडित से प्रेम करने वाले नागरिक समाज व महापंडित के वंशजों ने जिलाधिकारी व   निजामाबाद के उप-जिलाधिकारी को जुलाई 24 में पत्र लिखकर शासन के निर्देश से निर्माणाधीन चारदीवारी को असामाजिक तत्वों के द्वारा निर्माण रोकने की शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद अखबारों में निजामाबाद के उप-जिलाधिकारी के हवाले से खबर छपी कि सरकारी भू-अभिलेख में राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नाम अंकित नहीं है।

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कब्जे के लिए खोदी गई नीव

1. तत्कालीन उप-जिलाधिकारी ने अतिक्रमणकारी के द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा में सहायता की नीयत से भू-अभिलेख में शिक्षण संस्थान अंकित होने के बावजूद  “भू-अभिलेख में राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नाम अंकित नहीं” का दुष्प्रचार किया।

2. विद्यालय प्रधान ने सरकारी विद्यालय की चारदीवारी को पूरा करने के लिए अतिक्रमणकारी के खिलाफ शासन से सहायता की माँग की थी। उप-जिलाधिकारी ने 150 वर्ष से ज्यादा प्राचीन राजकीय विद्यालय की भूमि अभिलेख में अंकित नहीं का दुष्प्रचार कर अतिक्रमणकारी का मनोबल ऊँचा किया। तत्कालीन जिलाधिकारी ने महापंडित के परिवारजन और राहुल प्रेमी नागरिक समाज से प्राप्त शिकायत पत्र पर अगर तत्काल गंभीरता से कार्रवाई की होती तो 29 अक्टूबर 2024 को मंडी संचालक के द्वारा विद्यालय परिसर की भूमि पर जबरन अतिक्रमण कर नींव खोद कर  निर्माण की कोशिश नहीं की गई होती।

3. राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय निजामाबाद ब्रिटिश काल में स्थापित सबसे प्राचीन प्राथमिक विद्यालयों में शामिल है। इस विद्यालय में छात्रावास संचालित था इसलिए इस विद्यालय के 2 परिसर थे। कालांतर में प्राचीन भवन के खंडहर होने और छात्रावास बंद होने के बाद विद्यालय दूसरे परिसर में संचालित हो रहा है। ऐसी स्थिति में राहुल सांकृत्यायन की पाठशाला के जीर्ण-शीर्ण स्थल को अनुपयोगी मानकर धनबल व राजनीतिक प्रभाव से निजी व्यापारी के मंडी के संचालक के द्वारा कब्जेदारी को सख्ती के साथ रोकने की दरकार है। यह स्थल महापंडित की बाल पाठशाला होने की वजह से आजमगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए ज्ञान प्रतिमान का पूज्य तीर्थ स्थल है। इस धरती पर सर नमा कर लोगबाग पुण्य प्राप्त करते हैं। इस परिसर के पुराने पेड़ों  की जड़ों से राहुल सांकृत्यायन की आत्मा जुड़ी हुई है।

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कब्जे के लिए खोदी गई नींव

4. आजमगढ़ में संपत्ति हड़पने के लिए जिंदा मनुष्यों को मृत घोषित करने की परंपरा 2 दशक पूर्व उजागर हुई थी।जब सैंकड़ों जिंदा लोगों ने सरकारी दस्तावेजों में अपने मृतक दर्ज होने के खिलाफ संघर्ष शुरू कर “जीवित मृतक संघ” की स्थापना की थी। भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय की इकाई फ़िल्म डिवीजन, कोलकाता के निदेशक जोसी जोसफ  ने इस घटना पर आधारित “वाकिंग डेथ” फ़िल्म बनाई। जिसका अनुसरण करते हुए व्यवसायिक फ़िल्म “कागज” निर्मित हुई। संपत्ति हड़पने का लिए जिंदा लोगों को मृत घोषित करने के लिए बदनाम आजमगढ़ में महापंडित राहुल सांकृत्यायन और काव्य सम्राट हरिऔध की बाल पाठशाला का नाम भू-अभिलेख में दर्ज नहीं होने का दुष्प्रचार उत्तर-प्रदेश की शासन व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर अपमानित करने वाली घटना है।

5. यह जाँच का विषय है कि महान भारतविद की विरासत राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय के 100 मीटर के दायरे में किसी व्यापारी को मंडी स्थापित करने की अनुमति किस तरह प्रदान की गई। शिक्षण संस्थान की सुरक्षा के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों का पालन करते हुए इस विद्यालय के निकट स्थित मंडी से शिक्षण कार्य में होने वाली बाधा व परेशानियों की समीक्षा आवश्यक है। महान भारतविद को निर्मित करने वाले राहुल सांकृत्यायन की स्मृतियों के स्मारक को आनेवाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित व संवर्द्धित करने से आजमगढ़ का नाम वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित होगा।

ज्ञात हो कि देश के शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकताओं के द्वारा महान भारतविद, फादर ऑफ इंडियन ट्रेवलोग राहुल सांकृत्यायन से जुड़े सभी स्थलों को सुरक्षित, संवर्द्धित करने का अभियान चलाया जा रहा है। दिसंबर 2023 में राहुल सांकृत्यायन की विरासत संवर्द्धन अभियान की ओर से राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय निजामाबाद, महापंडित राहुल सांकृत्यायन बालिका इंटर कॉलेज कनैला और पंदहा स्थित राहुल जी के जन्म स्थल पर दो दिवसीय आयोजन हुए थे। जिसमें प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ.संदीप पाण्डेय, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री यशवंत सिंह सहित बड़ी तादात में राहुल प्रेमी एकत्र हुए थे।

2018 में महापंडित राहुल सांकृत्यायन जी के 125 वें जयंती वर्ष पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की महत्वपूर्ण इकाई इंदिरा गाँधी कला केंद्र, दिल्ली में महापंडित विषयक सेमिनार में दुनिया के 10 देशों के विद्वान जमा हुए थे। आजमगढ़ में जन्में महान भारतविद की वैश्विक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उनसे जुड़े सभी स्थलों की सुरक्षा व संवर्द्धन आवश्यक है।

राहुल सांकृत्यायन की विरासत संवर्द्धन अभियान ने जिलाधिकारी से माँग की है कि शासनिक निगरानी में महान ऐतिहासिक विरासत राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय, निजामाबाद के अभिलेख में अंकित भूमि का कड़ी निगरानी में सीमांकन करवा कर चारदीवारी के अधूरे निर्माण को पूरा किया जाए और आजमगढ़ में राहुल सांकृत्यायन से जुड़े सभी स्थलों को चिन्हित कर उनके संवर्द्धन कार्य को प्राथमिकता दिया जाए।

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